Monday, 23 November 2009

सोचों दुनिया लड़कियों के बिना

हमारे समाज में एक कहावत है के नारी ममता की मूर्ति है ,लेकिन सोचों अगर ये मूर्त ही न रही तो हम पर अपनी ममता कौन न्योछावर करेगा! आज नारी पर बढते ज़ुल्म इस बात का सबूत है एक दिन संसार से नारी का निशान ही मिट जायेगा! आज के समय में हर ७७ मिनटों बाद एक नारी दहेज़ के कारण प्रताड़ित की जा रही है ,हर २९ मिनट बाद घरेलू हिंसा का शिकार बन रही है! अगर इसी तरह नारी का शोसन होता होता रहा तो हमें भविष्य में भयंकर परिणामों का सामना कर पद सकता है ! आज हर साल लगभग २०००० हज़ार नारिया बलात्कार का शिकार हो रही रही!
और इसी तरह से से चलता रहा तो २०२० में भारत में लगभग कुवारे रह जायेगे और भविष्य में ये आंकड़ा बढ़ भी सकता है ! हर साल हजारों लड़कियाँ पैदा होने से पहले ही मार दी जाती है !

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