Sunday, 17 January 2010

दोस्ती की हैं तो निभानी तोह पड़ेगी ,,,,,,,,??

छोटी सी क्लास के छोटे से डेस्क पर,,,,,,
नाचते - नाचते किसी पडोसी का मजाक उड़ाते,,,,,,,

होमेवोर्क में दिए assignment का कभी,,,,,,,
दूर तक मार करनेवाला लड़ाकू जहाज बनाते ,,,,

शोरोगुल के शंशाह बनते कभी ,,,,,
टीचर के आने पर झट obediant बन जाते ,,,,

नाम ना बताने की कसमे देकर ,,,,,
आँखों के इशारों से धमकाते ,,,,,,,,,,,,,,,

दोस्ती की हैं तो निभानी तो पड़ेगी ,,,,


अल्हड़ता से भीगे दिनों में.,,,,,
Examsdays आते ही जाने क्यूँ बीमार पड़ जाते,,,

देर रात तक पड़ने के बहाने,,,,,
मुल्तानी ,संदल ,fruitसे बने facepack लगाते,,,,

किताबो के पन्ने पलते और ,,,,
किस्से कहानिया शाहरुख़ खान के सुनते-सुनाते ,,,

जब भी बात शौपिंग की होती ,,,,,,,,,,
उधार मांग कर ये खूब जताते ,,,,,
दोस्ती की हैं तो निभानी तो पड़ेगी,,,


योवन की नौका पे बैठ,,,
दिशाविहीन हूँ कहीं भी यूँ ही जाते,,,,,

लाखों चेहरों की भीड़ में,,,,,,,,,,
अचानक कभी हम कोई चेहरा अपना पाते,,,

जेठ की तेज़ दुपहरी में ,,,,,
अपना तकिया भी खारे पानी में भीगा पाते ,,,,,,,,,,,,,

गले लगाने वाली बाहों में,,,,,,,,
रचा-बसा एहसास कुछ ऐसा कहता पाते,,,,,,,,,,
दोस्ती की हैं तोह निभानी तो पड़ेगी,,,,,,,,,,,,,

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